Lakhpat Singh Indroduction

लखपत सिंह

मेरा जन्‍म ०३ मार्च १९६८ को ग्राम पार तहसील घाटीगांव जिला ग्‍वालियर मध्‍य प्रदेशके किरार जाति के एक कृषक परिवार मे हुआ. मेरे पिता का नाम स्‍व0 श्री रामचरण एवं माता का नाम रामरती है बाबा का नाम स्‍व0 श्री कल्‍हैयालाल एवं दादी का नाम स्‍व0 श्रीमति धनकुंवर है पिता के चार छोट भाई देवाराम, काशीराम, प्रताप, गिरवर एवं दो छोटी बहन मुल्‍लो व काशी थी

मेने कक्षा ३ तक गांव के ही प्राथमिक शाला में पढाई करने के बाद बंद कर दी थी उसके बाद प्राथमिक शाला के शिक्षक स्‍व0 श्री रामस्‍वरूप जाटव ने मेरी पढाई में रूचि को देखते हुए मुझे पुन: पढाने के मेरे पिता को तैयार किया और उल्‍होने निशुल्‍क पढा कर कक्षा ५ की प्राइवेट सन १९७९ में परीक्षा दिलवाई. उसमे पास होने के बाद कक्षा ६ में माध्‍यमिक शाला ग्राम बनवार में नियमित प्रवेश लिया. सन १९८२ कक्षा ८ की परीक्षा पास करने के बाद कक्षा ९ में ग्राम छेरा जिला मुरैना के हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में प्रवेश लिया. कक्षा ९ एवं १० पास करने के बाद कक्षाा ११ में शासकीय पटेल हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल हजीरा मे प्रवेश लिया जहां मेथमेंट्रिक से प्रथ्‍म श्रेणी में १९८५ मे पास किया.  १९८६ में प्रतियोगी प्ररीक्षा पीईटी की तैयारी की जिससे कृषि महाविध्‍यालय ग्‍वालियर में १९८६ में प्रवेश लिया. १९९१ में बीएससी कृषि की डिग्री प्राप्‍त करने के बाद एमएलबी कॉलेज ग्‍वालियर से राजनीति शास्‍त्र से एम.ए. किया.

छात्र राजनीति- :-

कृषि महाविद्यालय ग्वालियर में छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ एवं महाविद्यालय प्रशासन द्वारा किए जाने वाले भेदभावके खिलाफ आवाज उठाकर छात्र राजनीति प्रारंभ की जो पूरे शहर के भिन्न महाविद्यालय तक फली और ग्वालियर जीवाजी यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ भीआंदोलन किया

राजनीत                      

  1.   कांग्रेस 2 भारतीय जनता पार्टी 3. जनता दल 4. बहुजन समज पार्टी 5. समजवादी पार्टी

कांशीराम जी से एवं उनके साथियों से संपर्क हुआ जिनकी विचार धारा से प्रभवित हुये. जिसके चलते बहुजन समाज पार्टी में 1987 से 1991 तक कार्य किया. गिर्द विधान सभा जिला ग्वालियर सै 1998 में टिकिट मिला. लेकिन दूसरे साथी श्री लाखन सिंह यादव को चुनाव लडाया.

संभव समाज सेवी भी संस्था जिला ग्वालियरमें  डॉक्टर एसे.के. सिंह के साथ कार्य किया. इसी दौरान सोन चिड़िया अभ्यारणसे  विस्थापित होने वाले गांव को रोकने के लिए सोन चिड़िया अभ्यारण में विस्थापन रुको आंदोलन चलाया, शीहरिया जन आंदोलन शहरिया आदिवासी समाज पर होने वाले अत्याचारके खिलाफ आंदोलन चलाए. लोगों के मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए ग्वालियर एडवोकेशन सेंटर में सचिव की हैसियत से कार्य किया. जिला पन्ना में संवेदना इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एसोसिएशन नाम की एक संस्थाका गठन कर कार्य प्रारंभ किया प्रारंभ में स्वास्थ्य मंत्रालय के आर.सी.एच.कार्यक्रम एवं आई.एस.एम.एण्‍ड एच. प्रोग्राम चलाया. उसके साथ ही ऑक्‍सफेम के साथ महिला उत्पीड़न को लेकर कार्य किया. एक्शन एड के साथ गरिमा अभियान एवं महिला हिंसा, लिंग आधारित हिंसा के मुद्वो पर कार्या करने के लिए जेंडर रिसोर्स सेंटर का संचालन किया. भारत सरकार के समाज कल्याण बोर्ड के साथ परिवार परामर्श केंद्र का संचालन किया. जिला पंचायत के साथ सहायता समूहों  का गठन किया.

नावार्ड एवं एसबीआई के साथ स्‍व सहायता समूहों लिंक करवा कर वित्‍त पोषित करवाया. भारतीय स्‍टेट बैंक की माइक्रो ब्रांच भोपाल के साथ संवेदना इंटीग्रेटड डेवलपमेंट एसोसिएशन के साथ मिलकर स्‍व स्‍हायता समूहों को ऋण वितरण का कार्य किया.

अंबेडकर समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पर कार्य करते हुए डॉ आंबेडकर की विचारधारा एवं कांशीराम जी के काम को आगे बढ़ने का प्रयास किया

ऑक्‍सफेम के साथ मिलकर समान नेटवर्क में जिला पन्ना के समन्वयक पद पर रहकर महिला मुद्दों पर कार्य किया.

 समर्थन संस्था के साथ मिलकर सामाजिक क्षेत्र में विभिन्न मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण आदि के कार्यक्रम किए. पंचायती राज में  पंचायत को एवं ग्राम सभा को अधिकार दिलाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण एवं ग्रामसभा सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएं.

महिला उत्पीड़न के मुद्दों जैसे बलात्कार आदि के मुद्दों को प्रशासन के साथ मिलकर अपराधियों को सजा दिलाने का कार्य किया.

उसके बाद लोक सेवा केंद्रजयगढ़ का 2012 से2023 तक सफल संचालन किया एवं डबरा लोक सेवा केंद्र जिला ग्वालियर का 2019 से 2024 तक संचालक के रूप में सफल संचालन किया.

2020-21 में कोरोना बीमारी के कारण लॉकडाउन होने के दौरान तमाम लोगों के परेशानियां एवं प्रशासन के पक्षपात पूर्ण रवैया को देखते हुए भारतीय भागीदारी आंदोलनका प्रारंभ किया. जिसको विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जैसे दीवाल लेखन, मीटिंग, आमसभा आदि के माध्यम से एवं सोशल मीडिया,  फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम से पूरे देश में प्रचार प्रसार करने का कार्य किया.

भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला पन्ना में 2006 में जिला पंचायत पन्‍ना के बाबू अनिल खरे को २४०००/- रूपये की रिस्‍वत  लेते हुए रगे हाथ पकडवाया. जिसमे एक वर्ष की सजा होकर नोकरी से प्रथक कर दिया गया.

वर्ष २०२१ में जिला ग्वालियर में फर्जी आर.आई सावरन रजक को ₹15000 रूपये की रिस्‍वत देते हुए लोकायुक्त को पकड़वाया जिसमें राज्यरिटायर्ड एस.एल.आर. बलराम मोदी एवं वर्तमान एस.एल.आर. रविनंदन तिवारी के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज हुई.

सूचना अधिकार अधिनियम के तहत भी तीन तहसीलदारों पर 1,33,000 रूपये का जुर्माना करवाय.

थाना प्रभारी थाना घाटीगांव के ऊपर ₹25000 का जुर्माना करवाया

एवं जिला प्रबंधक अमित शिरोमणि, लोक सेवा प्रबंधन विभाग ग्वालियर के खिलाफ 2,75,000 रूपये  का जुर्माना करवाया. वर्तमान में जिला प्रबंधक अमि‍त शिरोमणि को कमियों एवं लापरवाहियों के चलते नौकरी से निकाल दिया.

इस प्रकार अन्याय अत्याचारएवं भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं लोगों ने अपने स्वार्थ के खातिर समाज की लड़ाई को छोड़ दिया और राजनीतिक लाभ या अन्य तरह के लाभ ले रहे हैं जिसकी वजह से समाज की लड़ाई बंद हो गई है इसको मंजिल तक पहुंचाने के लिए भारतीय भागीदारी आंदोलन के माध्यम से देश की 85 फीसदी शोषित पीड़ित दवे कुचले एवं पिछड़े लोगों को जिनके अधिकारों सेवं चित किया गया है उनके अधिकारों को दिलाने के लिए जातिगत जनगणना कराकर भारत में धन, धरती, उद्योग,  व्यापार,  शिक्षा, धर्म,  राजनीति, शासन, प्रशासन, न्‍याय पालिका, पत्रकारिता आदि सभी क्षेत्रों में अनुपातिक भागीदारी दिलाने के लिए लगातारप्र यास किया जा रहा है एवं इसके लिए पूरे देश में आंदोलन चलाया जा रहा है.

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